New Delhi News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण पर कथित विवादित टिप्पणी के खिलाफ पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने विवादित बयान देने वाले बाबाओं के लिए आचार संहिता बनाने और धीरेंद्र शास्त्री को गिरफ्तार करने की मांग की है।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणी का मामला अब कानूनी रूप ले चुका है। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचकर उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सांसद ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस कानूनी कदम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण देश के करोड़ों लोगों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक हैं। किसी को भी उनकी गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से समाज में लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बाबाओं के लिए कोड ऑफ कंडक्ट बनाने और गिरफ्तारी की मांग
सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में जो भी बाबा इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना और विवादित बयान देते हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि ऐसे लोगों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए एक ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ (आचार संहिता) तय होना चाहिए। सांसद ने जोर देकर कहा कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर केवल नोटिस नहीं, बल्कि सीधे गिरफ्तारी की कार्रवाई होनी चाहिए।
माफी मांगने पर भी नहीं थमा विवाद
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिए गए बयान के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ता देख धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई पेश की थी और कहा था कि उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करना नहीं था और न ही वे कृष्ण विरोधी हैं। उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी थी।
हालांकि, इस माफी के बावजूद विरोध थमता नहीं दिख रहा है। सांसद पप्पू यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले किसी आराध्य का अपमान करना और फिर महज माफी मांग लेना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि माफी मांगने से अपराध समाप्त नहीं हो जाता, इसलिए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी अनिवार्य है।