Madhya Pradesh News: देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करों द्वारा वाहन से कुचलकर टीआई दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने कहा कि तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली गई है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिवंगत पुलिस अधिकारी के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को उपनिरीक्षक पद पर नौकरी देने की घोषणा की है।
देवास जिले के खातेगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब चेकिंग के दौरान थाना प्रभारी (टीआई) दिलीप पुरी की आयशर वाहन से कुचलकर की गई हत्या के मामले की जांच तेज हो गई है। सोमवार को मामले की प्रत्यक्ष जांच और घटनास्थल का मुआयना करने के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजी) उपेंद्र जैन खातेगांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच अलग-अलग जिलों में विशेष पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन ने कहा, “घटना के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। हमारी टीमें पांच जिलों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। पुलिस ने यह स्पष्ट रूप से ट्रेस कर लिया है कि अवैध शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसकी डिलीवरी कहां होनी थी और इसे कौन लोग लेकर जा रहे थे।”
अवैध शराब तस्करी नेटवर्क की पहचान
आरोपियों की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर विशेष डीजी ने कहा कि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल यह सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा कि किन-किन लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब तस्करी की पूरी कड़ी और सिंडिकेट से जुड़े सभी संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने पर टीआई दिलीप पुरी पुलिस बल के साथ इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान 1,800 लीटर से अधिक शराब से भरे एक संदिग्ध आयशर ट्रक को रोकने का प्रयास किया गया। पूछताछ से बचने और भागने की नीयत से चालक ने वाहन को सड़क के डिवाइडर पर चढ़ा दिया। वाहन का पिछला पहिया टीआई पुरी के ऊपर से गुजर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राजकीय सम्मान से विदाई, सरकार ने की बड़ी घोषणाएं
पोस्टमॉर्टम के बाद देवास जिले में टीआई दिलीप पुरी को पुलिस बल द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। इसके बाद जब उनका पार्थिव शरीर इंदौर स्थित उनके आवास पर पहुंचा, तो परिजनों और सहकर्मियों का रो-रोकर बुरा हाल था।
भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात सहायक पुलिस महानिरीक्षक और देवास के पूर्व एसपी पुनीत गेहलोद ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पुरी का जाना पूरे पुलिस बल के लिए स्तब्ध करने वाला क्षण है और संकट की इस घड़ी में राज्य पुलिस का हर जवान परिवार के साथ है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए घोषणा की कि संकट के इस समय में सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत टीआई के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया है।