Delhi News: डिजिटल युग में साइबर ठग लोगों को लूटने के लिए रोज नए तरीके खोज रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने अब फर्जी नो योर कस्टमर (केवाईसी) अपडेट के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर देशवासियों को सतर्क किया है। ठग लोगों को डराकर उनके बैंक खातों से पैसे साफ कर रहे हैं।
साइबर अपराधी कैसे बनाते हैं लोगों को ठगी का शिकार
साइबर अपराधी सबसे पहले ग्राहकों के मोबाइल पर एसएमएस या व्हाट्सऐप के जरिए एक डरावना मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में दावा किया जाता है कि तुरंत केवाईसी अपडेट न करने पर बैंक खाता बंद कर दिया जाएगा। लोग इस चेतावनी से घबरा जाते हैं और मैसेज में दिए गए फर्जी लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही यूजर एक नकली बैंक वेबसाइट पर पहुंच जाता है। वहां केवाईसी के बहाने खाता संख्या, ओटीपी, पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। यह जानकारी मिलते ही साइबर ठग खाते से सारा पैसा निकाल लेते हैं और पीड़ित को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षित बचने के लिए 3 जरूरी नियम
केंद्रीय बैंक ने इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को तीन कदम उठाने की सलाह दी है। अगर कोई मैसेज तुरंत एक्शन लेने का दबाव बनाए, तो घबराएं नहीं और थोड़ा रुकें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपको बड़े आर्थिक नुकसान में डाल सकता है, इसलिए हमेशा शांति से काम लें।
हमेशा याद रखें कि बैंक कभी भी मैसेज में लिंक भेजकर गोपनीय जानकारी नहीं मांगते हैं। किसी भी सूचना की पुष्टि केवल बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट, मोबाइल ऐप या नजदीकी शाखा में जाकर ही करें। कभी भी किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना बैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी किसी से शेयर न करें।
धोखाधड़ी या गलती होने पर तुरंत करें यह काम
यदि आपके पास ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज आता है, तो उसे नजरअंदाज करें और अपने बैंक को इसकी जानकारी दें। गलती से लिंक पर क्लिक करने या जानकारी शेयर होने पर बिना देरी किए तुरंत बैंक को सूचित करें। इसके साथ ही साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि नुकसान से बचा जा सके।