Mansa News: ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता लक्खा सिधाना को पुलिस हिरासत के दौरान माइनर हार्ट अटैक आने की जानकारी सामने आई है। अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी के दौरान सिधाना के वकीलों ने उनकी खराब तबीयत का हवाला देकर मेडिकल जांच की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अदालत ने पुलिस की सात दिन की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए केवल एक दिन का रिमांड मंजूर किया है।
‘वारिस पंजाब दे’ के नेता लक्खा सिधाना को पुलिस हिरासत में माइनर हार्ट अटैक आने का मामला सामने आया है। अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी के दौरान लक्खा सिधाना और उनके वकीलों ने कोर्ट को इस संबंध में अवगत कराया।
लक्खा सिधाना के वकील गुरप्रीत सिंह संधू और हरजोत सिंह मान ने अदालत को बताया कि सिधाना को माइनर हार्ट अटैक आया है और उन्हें सीने में तेज दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है। वकीलों के अनुसार, पुलिस ने प्रारंभिक चिकित्सा सहायता मुहैया कराई थी, लेकिन इसके बाद भी सीने में दर्द की शिकायत बनी रही। इसके चलते अदालत में सिधाना की विस्तृत मेडिकल जांच के लिए अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
मोबाइल बरामदगी पर पुलिस से सवाल, 1 दिन का रिमांड
सुनवाई के दौरान पुलिस ने लक्खा सिधाना का मोबाइल फोन बरामद करने का आधार बताते हुए 7 दिन के अतिरिक्त रिमांड की मांग की, जिसका बचाव पक्ष के वकीलों ने कड़ा विरोध किया। वकीलों ने दलील दी कि गिरफ्तारी के समय फोन सिधाना की जेब में था, जो या तो वहीं गिर गया या निकाल लिया गया था। वकीलों ने सवाल उठाया कि इतने दिन बीतने के बाद भी फोन की आखिरी लोकेशन ट्रेस क्यों नहीं की गई, जिस पर पुलिस स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पुलिस को केवल एक दिन का रिमांड मंजूर किया।
28 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे सिधाना
गौरतलब है कि पुलिस ने लक्खा सिधाना को 28 अक्टूबर को डीसी आवास के सामने से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई गांव भंमे कलां के युवक दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उपजे तनाव के दौरान हुई थी। दलजीत की मौत कथित रूप से ओवरडोज के कारण बताई जा रही थी और कुछ लोग उसका शव परविंदर झोटा को न्याय दिलाने के लिए चल रहे धरने में ले जाना चाहते थे।