Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश में त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भोटा में नाका लगाकर पंजाब से आ रही 350 किलोग्राम पनीर से भरी गाड़ी पकड़ी। मौके पर प्राथमिक जांच के बाद सैंपल लैब भेजे गए हैं।
विभाग ने सीआईडी और जीएसटी विंग से मिले इनपुट के बाद यह नाकाबंदी की थी। अधिकारियों ने गाड़ी रोककर पनीर में डिटर्जेंट, यूरिया और स्टार्च की जांच के लिए तुरंत टेस्ट किए। इसके लिए आयोडीन और अरहर दाल पाउडर का उपयोग किया गया। प्राथमिक स्तर पर पनीर ठीक मिला, जिसके बाद वाहन को रवाना किया गया।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगामी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर ने बताया कि पनीर की गुणवत्ता की सटीक पुष्टि के लिए एनफोर्समेंट सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। विभाग ने हमीरपुर बाईपास, डूंगा और टिक्कर इलाकों में भी दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एक्शन लिया गया।
छापेमारी के दौरान एक दुकान में प्रतिबंधित फूड कलर मिलने पर उसे तुरंत नष्ट कराया गया। इसके अलावा दूषित हो चुकी लगभग 20 किलो संदिग्ध मिठाई भी फिंकवाई गई। टीम ने पेठा, घी और अन्य मिठाइयों के कुल पांच नमूने जांच के लिए भरे हैं। त्योहारों तक बाजार में शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
एनालॉग पनीर की पहचान और राज्य में कानूनी स्थिति
हिमाचल सरकार ने 20 अगस्त 2026 को नकली यानी एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। इस पनीर में दूध के प्राकृतिक फैट की जगह वनस्पति तेल मिलाया जाता है। असली पनीर हमेशा छूने में मुलायम और दानेदार होता है। वहीं एनालॉग पनीर चबाने में रबड़ की तरह खिंचता है और चिपचिपा स्वाद देता है।
