बिलासपुर की विशेष अदालतों ने चिट्टा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दी जमानत, जांच लगभग पूरी होने पर मिली राहत

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Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की विशेष अदालतों ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत दर्ज चिट्टे के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। दोनों मामलों में बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी से कम होने और जांच लगभग पूरी होने के आधार पर 1-1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी गई है।

बिलासपुर जिले की विशेष अदालतों ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत दर्ज चिट्टे के दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई करते हुए आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालतों ने पाया कि दोनों मामलों में बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक (कमर्शियल) श्रेणी से कम है और जांच प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 1-1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत प्रदान की।

बलोह फोरलेन पर 51.32 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था पंजाब का युवक

पहला मामला घुमारवीं उपमंडल से जुड़ा है, जहां विशेष न्यायाधीश डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने पंजाब निवासी रेशम सिंह की जमानत याचिका मंजूर कर ली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गत 6 सितंबर को घुमारवीं थाना क्षेत्र के अंतर्गत बलोह फोरलेन पर मल्यावर लिंक रोड के पास वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इस दौरान एक बस में सवार रेशम सिंह की तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद पॉलीथीन से 51.32 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।

अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने पाया कि मामले में आरोपी से अब पुलिस हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं रह गई है। इसके अलावा बरामद मादक पदार्थ मध्यम मात्रा की श्रेणी में आता है। अदालत ने आरोपी रेशम सिंह को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानती प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए।

स्वारघाट में कार से बरामद हुआ था 12.4 ग्राम चिट्टा, युवती को मिली राहत

दूसरा मामला स्वारघाट थाना क्षेत्र का है, जिसमें बिलासपुर स्थित विशेष न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डढवाल की अदालत ने ऊना निवासी युवती कंचन जसवाल को जमानत दी। पुलिस ने गत 25 सितंबर को गरामोड़ा स्थित ग्रीन टोल टैक्स के पास नाकाबंदी के दौरान जांच के लिए एक कार को रोका था। कार में चालक के साथ पिछली सीट पर कंचन जसवाल सवार थी। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड में कागजों और एक्स-रे शीट के नीचे छिपाकर रखा गया 12.4 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।

अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बरामद नशीला पदार्थ व्यावसायिक मात्रा से कम है और मामले में जांच का काम लगभग पूरा हो चुका है। अदालत ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि आरोपी युवती का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और न ही उसके फरार होने की आशंका नजर आती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उसे 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत प्रस्तुत करने पर रिहा करने के आदेश जारी किए।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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