देशभर के 100 टोल प्लाजा पर अवैध एप से करोड़ों की वसूली का भंडाफोड़, ईडी ने 14 ठिकानों पर की छापेमारी

Share

- Advertisement -

Mirzapur News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देशभर के करीब 100 नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर अवैध एप के जरिए करोड़ों रुपये की गैरकानूनी टोल वसूली का पर्दाफाश किया है। बिना फास्टैग वाले वाहनों से ‘माबडाटा’ और ‘एनी’ नामक एप से पैसे वसूले जा रहे थे। इस मामले में जांच एजेंसी ने छह राज्यों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की है।

ईडी की टीमों ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और एनसीआर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 1.03 करोड़ रुपये नकद, खाता-बही, बैंक दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इसके अलावा मामले से जुड़े आठ बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है।

अवैध एप और पोर्टल के जरिए फर्जी रसीदें

जांच एजेंसी के अनुसार, बिना फास्टैग वाली गाड़ियों से टोल वसूलने के लिए विशेष तौर पर यह गैरकानूनी एप तैयार किए गए थे। इस अवैध वसूली पर नजर रखने के लिए बाकायदा ऑनलाइन पोर्टल भी संचालित हो रहे थे। डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में करोड़ों रुपये की अनधिकृत टोल रसीदें जारी किए जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

यह पूरा मामला मिर्जापुर पुलिस द्वारा जनवरी 2025 में दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर सामने आया है। पुलिस ने अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा समेत अन्य केंद्रों पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत केंद्रीय एजेंसी ने आपराधिक जांच शुरू की।

एनएचएआई को पहुंचाया गया भारी राजस्व नुकसान

पुलिस जांच में सामने आया कि अवैध एप का इस्तेमाल करके वाहनों को फर्जी रसीदें थमाई जा रही थीं। इस पूरी प्रक्रिया को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के आधिकारिक सिस्टम से छिपाकर रखा गया। इससे सरकारी खजाने को मिलने वाले राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया और निजी तौर पर मोटी रकम बनाई गई।

ईडी की शुरुआती जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क में बिचौलियों और एनएचएआई द्वारा नियुक्त टोल संग्रह एजेंसियों की मिलीभगत थी। एजेंसी अब इस अवैध कमाई के लेन-देन और इसमें शामिल मुख्य सरगनाओं की पहचान करने में जुटी है, ताकि नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई हो सके।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News