Bilaspur News: दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर ड्रग्स विभाग ने बिलासपुर जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने नियमों की अनदेखी करने पर एक निजी अस्पताल की मेडिकल शॉप और क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी दवा दुकान का लाइसेंस तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया है।
विभाग की ओर से की गई जांच के बाद दोनों दुकानों के लाइसेंस सोमवार, 3 अगस्त तक के लिए निलंबित किए गए हैं। इस दौरान दोनों दुकानों में दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
एक्सपायरी दवा बेचने पर गिरी गाज
ड्रग्स विभाग के अनुसार निजी अस्पताल की दवा दुकान में एक मरीज को एक्सपायरी दवा देने का मामला सामने आया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने दुकान में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, बिक्री और पुराने रिकॉर्ड की गहन जांच की, जिसमें भारी अनियमितताएं पाई गईं।
जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर मंडी को भेजी, जिसके बाद लाइसेंस तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। बिलासपुर की ड्रग्स इंस्पेक्टर अंजना देवी ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
सरकारी दवा दुकान में रिकॉर्ड की गड़बड़ी
दूसरी तरफ, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर परिसर में संचालित फेडरेशन की सरकारी दवा दुकान के निरीक्षण के दौरान दवाओं का रिकॉर्ड सही तरीके से मेंटेन नहीं मिला। विभाग ने संचालकों को पहले भी रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश और पर्याप्त समय दिया था, लेकिन सुधार न होने पर यह कदम उठाया गया।
असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर मंडी के स्तर से दोनों दुकानों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जिले के मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों की दवा दुकानों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और लापरवाही मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।