Lucknow News: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने श्रावस्ती जिले में हुए एक संदिग्ध हाफ एनकाउंटर मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है।
पुलिस टीम के वाहन और 23 जवानों की मौजूदगी पर सवाल
अदालत ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाया कि 13 पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर किस गाड़ी से पहुंची थी, क्योंकि सामान्य जीप में इतने लोग नहीं बैठ सकते। इसके अलावा, 23 पुलिसकर्मियों के घेरे में होने के बाद भी आरोपी की सीधी फायरिंग से एक भी जवान घायल क्यों नहीं हुआ।
अंधेरे में सटीक निशानेबाजी की जांच करेगी सीबीआई
पुलिस के अनुसार, रात 11 बजे घने अंधेरे में 15 मीटर दूर से तत्कालीन एसएचओ ने तमंचा लोड होने की आवाज सुनकर गोली चलाई, जो सीधे आरोपी अलाउद्दीन के दोनों पैरों में लगी। अदालत ने सीबीआई को एसएचओ की निशानेबाजी और ऐसी परिस्थितियों में सटीक फायरिंग की व्यवहार्यता जांचने को कहा है।
तीन महीने में जांच पूरी करने का निर्देश
हाई कोर्ट ने सीबीआई को इस पूरे एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच तीन महीने के भीतर पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 को तय की गई है। अदालत के इस कड़े आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।