Solan News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ स्थित कंपनी से 2.10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिमला साइबर क्राइम सेल ने राजस्थान में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। दोनों पर फर्जी अधिकारी बनकर कर्मचारी से पैसे ट्रांसफर कराने का आरोप है।
व्हाट्सएप पर फर्जी अधिकारी बनकर लगाया करोड़ों का चूना
ठगों ने कंपनी अधिकारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर अकाउंट्स कर्मचारी से संपर्क साधा था। जरूरी काम का बहाना बनाकर तुरंत 2.10 करोड़ रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में सच्चाई सामने आने पर कंपनी प्रबंधन ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक ने धोखाधड़ी के लिए अपनी फर्म का बैंक खाता मुहैया कराया था। वहीं दूसरे आरोपी ने नेटवर्क से जुड़े लोगों के ठहरने और खातों के इंतजाम की जिम्मेदारी संभाली थी। आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल, डेबिट कार्ड और बैंकिंग रिकॉर्ड्स बरामद हुए हैं।
बॉस स्कैम से रहें सतर्क, साइबर सेल की सलाह
एसपी साइबर क्राइम सेल अमित यादव के अनुसार, ठग असली अधिकारियों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर कर्मचारियों पर जल्दबाजी में दबाव बनाते हैं। कर्मचारी डर या संकोच के कारण बिना पुष्टि किए फंड ट्रांसफर कर देते हैं। पुलिस ने अदालत से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
साइबर सेल ने कंपनियों को सलाह दी है कि किसी भी बड़े वित्तीय लेनदेन से पहले उच्चाधिकारियों से फोन या व्यक्तिगत स्तर पर पुष्टि जरूर करें। किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें। धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।