Delhi News: देश में मोबाइल ग्राहकों को अब तक मासिक प्लान में केवल 28 दिनों की वैधता मिलती रही है। साल में 12 महीने होने के बावजूद इस व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं को सालाना 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था। इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को समाप्त करने के लिए ट्राई ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं।
ट्राई के नए रेगुलेशंस से ग्राहकों को मिलेगा सीधा लाभ
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन तेरहवां संशोधन रेगुलेशंस 2026 प्रभावी कर दिया है। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को केवल वॉइस और एसएमएस वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। इन प्लान्स की वैधता अवधि डेटा बंडल वाले प्लान्स के बराबर ही रखनी होगी।
नियामक ने डेटा का उपयोग न करने वाले उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में आनुपातिक कटौती का निर्देश भी दिया है। यदि 300 रुपये के प्लान की वैधता तीस दिन कर दी जाए, तो वार्षिक खर्च 3,900 से घटकर 3,600 रुपये रह जाएगा। इससे हर ग्राहक को सीधे तौर पर एक रिचार्ज की बचत प्राप्त होगी।
डेटा इस्तेमाल न करने वाले यूजर्स का घटेगा मासिक खर्च
घर या दफ्तर में वाई-फाई का उपयोग करने वाले ग्राहकों को हर महीने मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। वे केवल इनकमिंग कॉल्स और जरूरी संदेशों के लिए रिचार्ज कराते हैं। नए नियमों के बाद जियो, एयरटेल और वीआई को बिना डेटा वाले सस्ते कॉलिंग प्लान बाजार में उतारने होंगे।
वैधता तीस दिन होने से उपभोक्ताओं को साल में 13 की जगह केवल 12 बार भुगतान करना पड़ेगा। बिना डेटा वाले प्लान चुनने से बेवजह डेटा का खर्च बचेगा। नियामक के इस कदम से आम जनता को राहत मिलेगी और टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगेगा।