Nairobi News: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने काजीआडो के लेक मगाडी में सक्रिय भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को अपना काम फौरन रोकने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति ने कंपनी पर क्षेत्र में पर्याप्त निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास न देने का आरोप लगाया है। सरकार अब यहां नए निवेशकों को लाने की योजना बना रही है।
एक सार्वजनिक जनसभा में राष्ट्रपति रुटो ने कहा कि कंपनी के पास यह अनुबंध 100 साल से था। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर फैक्टरी या जरूरी ढांचा तैयार नहीं किया गया। उन्होंने साफ कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का पहला फायदा स्थानीय नागरिकों को मिलना चाहिए। कच्चे माल का प्रसंस्करण देश के भीतर होना बेहद जरूरी है।
सरकार ने स्थानीय प्रसंस्करण पर दिया जोर
राष्ट्रपति का मानना है कि घरेलू स्तर पर प्रोसेसिंग होने से स्थानीय उद्योगों, नौकरियों और टैक्स राजस्व में बढ़ोतरी होगी। सरकारी निर्देश के बाद मगाडी सोडा फैक्टरी का काम और सोडा ऐश का निर्यात रोक दिया गया है। टाटा केमिकल्स ने साल 2005 में इस इकाई को खरीदा था, जबकि यह काम 1911 से संचालित हो रहा था।
इस प्लांट से हर साल 3.5 लाख टन से अधिक सोडा ऐश भारत, दक्षिण-पूर्वी एशिया और मध्य पूर्व भेजी जाती थी। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कांच, डिटर्जेंट और जल शोधन में किया जाता है। कंपनी के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
फैसले पर विपक्ष ने उठाए कड़े सवाल
केन्या की विपक्षी पार्टी डेमोक्रेसी फॉर द सिटीजन्स ने इस कदम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। विपक्ष का आरोप है कि मगाडी क्षेत्र में लिथियम और तेल के बड़े भंडार मौजूद हैं। उन्होंने आशंका जताई कि निजी हितों के चलते यह कार्रवाई की गई है, जिससे एक लाख लोगों की आजीविका पर सीधा संकट आ सकता है।
खनन कैबिनेट सचिव हसन जोहो का कहना है कि कंपनी नियमों का ठीक से पालन नहीं कर रही थी। इस पूरे विवाद और काम दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर केन्या हाईकोर्ट में 18 नवंबर को सुनवाई होगी। अदालत के फैसले पर अब दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं।