New Delhi News: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में हालिया जबरदस्त तेजी के बीच मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का एमटीएफ एक्सपोजर 60 प्रतिशत बढ़कर 4,711 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही रिलायंस ने लंबे समय से शीर्ष पर काबिज एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग और कंपनी के तिमाही मुनाफे के बाद रिलायंस के शेयरों में भारी लिवाली देखने को मिली। 2 नवंबर को कंपनी के शेयरों में बीते छह वर्षों की सबसे बड़ी इंट्रा-डे तेजी (लगभग 11.6%) दर्ज की गई थी। इस तेजी के बीच निवेशकों द्वारा मार्जिन पर शेयर खरीदने की रुचि बढ़ी, जिससे कंपनी का एमटीएफ एक्सपोजर 30 अक्टूबर के 2,937 करोड़ रुपये से उछलकर सीधे 4,711 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा।
HDFC बैंक को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंची रिलायंस
शेयर बाजार में कुल एमटीएफ बुक का आकार लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जिसमें शीर्ष 10 शेयरों की कुल एमटीएफ हिस्सेदारी 19,442 करोड़ रुपये है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की एमटीएफ बुकिंग में आए इस जोरदार उछाल के बाद शीर्ष 10 शेयरों में अकेले रिलायंस का एक्सपोजर बढ़कर 24 प्रतिशत हो गया है। इसके चलते कई महीनों से इस सूची में शीर्ष पर बना एचडीएफसी बैंक अब दूसरे स्थान पर खिसक गया है।
ट्रेडिंग टर्नओवर और डिलीवरी वॉल्यूम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी 500 इंडेक्स में लगातार सबसे अधिक ट्रेड होने वाला स्टॉक बना रहा। सोमवार 2 नवंबर के कारोबारी सत्र में कंपनी का कुल ट्रेडिंग टर्नओवर 11,000 करोड़ रुपये को पार कर गया था, जिसमें से 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की डिलीवरी-आधारित खरीदारी दर्ज की गई। इसके बाद मंगलवार को भी बाजार में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ और डिलीवरी वॉल्यूम 3,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा।
तकनीकी संकेत और बाजार विश्लेषकों की राय
शेयर में आई इस अप्रत्याशित मजबूती पर सैमको सिक्योरिटीज के मार्केट रिसर्च प्रमुख अपूर्व सेठ ने विश्लेषण साझा करते हुए कहा कि रिलायंस के स्टॉक ने लंबे समय से चले आ रहे डाउनवर्ड ट्रेंड (गिरावट के रुख) को सफलतापूर्वक तोड़ा है। उन्होंने बताया कि तकनीकी आधार पर बिकवाली का दबाव खत्म हो चुका है और नए खरीदारों की मजबूत एंट्री दिख रही है। मजबूत वॉल्यूम और वित्तीय नतीजों के दम पर विश्लेषक 1,250 रुपये के स्तर से ऊपर स्टॉक में और तेजी की प्रबल संभावना जता रहे हैं।