नवीकरणीय ऊर्जा से भारत ने बचाए 100 अरब डॉलर के आयात बिल, आईईए ने जारी की रिपोर्ट

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National News: भारत की लगातार बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती प्रदान कर रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय बिजली उत्पादन की मदद से भारत ने पिछले 15 वर्षों (2011 से 2025) में कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की भारी बचत की है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) द्वारा जारी ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा बाजार रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत की नवीकरणीय बिजली क्षमता लगभग चार गुना बढ़ चुकी है। साल 2026 में यह आंकड़ा 300 गीगावाट के पार पहुंच गया है, जिसने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा बाजार बना दिया है।

रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि वर्ष 2030 तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता करीब 530 गीगावाट तक पहुंच सकती है। हालांकि, इस स्तर को छूने के लिए सहायक बुनियादी ढांचे और ग्रिड सिस्टम में निरंतर निवेश की आवश्यकता होगी।

समय से पांच साल पहले हासिल किया अहम लक्ष्य

भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 के दौरान पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश ने निर्धारित समय से पांच साल पहले यानी वर्ष 2025 में ही अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-fossil Fuel) की हिस्सेदारी का बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।

आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने इस उपलब्धि पर कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने के दौर में भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का यह तेज विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा को बड़े पैमाने पर मजबूती दे रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क और विनिर्माण पर जोर

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए घरेलू विनिर्माण, निवेश और बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि स्वच्छ ऊर्जा को हर हिस्से तक निर्बाध रूप से पहुंचाया जा सके।

Desh Raj
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