Delhi News: राजधानी में नए घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पिछले करीब आठ महीनों से ठप पड़ी है। मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों के नए कनेक्शन बंद होने से लगभग 20 हजार परिवारों के आवेदन लटके हुए हैं। ऑनलाइन पोर्टल से विकल्प हटने और एजेंसियों से स्पष्ट जवाब न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों और कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है।
राजधानी में नया रसोई गैस कनेक्शन पाना आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल से नए कनेक्शन का विकल्प हटा दिए जाने के बाद से उपभोक्ता आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। शहर भर में संचालित करीब 46 गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन 8 से 10 लोग नया कनेक्शन लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बिना किसी समाधान के वापस लौटना पड़ रहा है।
कनेक्शन जारी होने में भारी गिरावट
पहले जहां एजेंसियों के माध्यम से रोजाना 150 से 200 नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी किए जाते थे, वहीं अब पिछले तीन महीनों में यह आंकड़ा 1000 तक भी नहीं पहुंच पाया है। बड़े सिलेंडर का विकल्प न मिलने पर उपभोक्ताओं ने 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम क्षमता वाले छोटे सिलेंडरों का रुख करने का प्रयास किया, लेकिन इनकी सीमित आपूर्ति के चलते यह भी स्थाई समाधान नहीं बन सके।
महंगे दामों पर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी
नया कनेक्शन न मिल पाने के कारण आम परिवारों को वैकल्पिक तौर पर ब्लैक मार्केट से महंगा सिलेंडर खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। खुले बाजार में उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 1800 से 2100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ रहा है।
नीतिगत बदलाव और बायोमेट्रिक सत्यापन मानी जा रही वजह
नए एलपीजी कनेक्शनों पर लगी इस अघोषित रोक के पीछे बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया की अनिवार्यता और शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार को मुख्य कारण माना जा रहा है। सरकार की नीति के तहत पीएनजी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में एलपीजी निर्भरता कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तेल विपणन कंपनियों या संबंधित विभाग की ओर से नए कनेक्शन रोके जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है, जिससे जरूरतमंद उपभोक्ता अनिश्चितता की स्थिति में हैं।