Delhi News: दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में गिरावट का खतरा मंडरा रहा है। दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका के एक्सपर्ट्स ने अगस्त और सितंबर के दौरान सोने में बड़ी मंदी की चेतावनी दी है।
तकनीकी वजहों से बढ़ रहा सोने पर दबाव
बैंक ऑफ अमेरिका के रणनीतिकार पॉल सियाना के मुताबिक सोने में गिरावट के पीछे दो मुख्य तकनीकी कारण हैं। पहला कारण ‘डेथ क्रॉस’ का बनना है, जिसमें शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज घटकर लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ जाता है।
ओवरबॉट जोन और आरएसआई के मिले संकेत
गिरावट का दूसरा बड़ा कारण रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई का 90 के स्तर पर पहुंचना है। यह ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। साल 1975 के बाद जब भी ऐसे संकेत मिले हैं, बाजार में बड़ा करेक्शन देखा गया है।
इतने गिर सकते हैं सोने के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर प्रति औंस का लेवल टूटने के बाद दबाव बढ़ गया है। बैंक ऑफ अमेरिका का अनुमान है कि कीमतें 3,600 डॉलर और फिर 3,315 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती हैं, जिससे 1980 जैसे हालात बन सकते हैं।
नए निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगस्त और सितंबर के महीनों में बाजार के रुझान पर बारीक नजर रखनी चाहिए। नए निवेशकों को सोच-समझकर ही कोई भी निवेश संबंधी फैसला लेने की सलाह दी गई है।