New Delhi News: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठक 22-23 अक्टूबर को मुंबई में होने जा रही है। इस बीच कर्मचारी संगठनों ने 50% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक सैलरी व पेंशन में मर्ज करने की जोरदार मांग उठाई है। हालांकि, सरकार या आयोग की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आयोग की अगली बैठक 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित होने वाली है, जिससे पहले चर्चाओं का बाजार गर्म है। इससे पहले आयोग की एक बैठक 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में हो चुकी है। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव लिए जा रहे हैं। वर्तमान में आयोग के सामने डीए-ड्रोजन (DA-DR), फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम मूल वेतन और सालाना वेतन वृद्धि जैसे अहम मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
50% DA-DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की उठी मांग
विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष यह प्रमुख मांग रखी है कि 50% महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन तथा पेंशन में मिला दिया जाए। यदि इस मांग को मंजूरी मिलती है, तो इससे संशोधित मूल वेतन और भविष्य में मिलने वाले महंगाई भत्ते की गणना के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। हालांकि, इसका वास्तविक असर और लाभ पूरी तरह से फिटमेंट फैक्टर, वेतन निर्धारण के नए नियमों और अंतिम सरकारी अधिसूचना पर निर्भर करेगा।
DA और DR में क्या है अंतर?
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दोनों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई के वित्तीय असर से राहत दिलाना है। हालांकि, इनके लाभार्थियों का दायरा अलग-अलग होता है:
- महंगाई भत्ता (DA): यह सरकार के सेवारत कर्मचारियों को दिया जाता है, जिसकी गणना उनके मूल वेतन (Basic Salary) के आधार पर होती है।
- महंगाई राहत (DR): यह पेंशनभोगियों और परिवार पेंशन (Family Pension) पाने वालों के लिए है, जिसकी गणना मूल पेंशन के आधार पर की जाती है।
इन दोनों की दरों में आमतौर पर साल में दो बार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और महंगाई के आंकड़ों के आधार पर संशोधन किया जाता है।
कब तक आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। नियमानुसार आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तारीख से लगभग 18 महीने का समय मिला है। इस समयसीमा के मुताबिक, आयोग की फाइनल रिपोर्ट मई 2027 की शुरुआत तक आने की संभावना है, जिसके बाद ही कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर अंतिम मुहर लगेगी।
