अमेरिका में नवंबर के पहले मंगलवार को ही क्यों होती है वोटिंग, जानिए 180 साल पुरानी परंपरा का इतिहास

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Washington News: अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिड-टर्म चुनाव के तहत प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सदस्यों के लिए मतदान हो रहा है। देश में राष्ट्रपति चुनाव हों या मध्यावधि चुनाव, मतदान हमेशा नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को ही कराया जाता है। इस चुनावी व्यवस्था के पीछे 19वीं सदी की कृषि व्यवस्था, धार्मिक परंपराओं और लंबी यात्राओं से जुड़ा करीब 180 साल पुराना इतिहास है।

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव (मिड-टर्म इलेक्शन) के लिए मतदान हो रहा है। इन चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बीच अमेरिकी जनता कांग्रेस के दोनों सदनों—हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के सदस्यों को चुनने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही है। अमेरिकी चुनावी प्रणाली के नियमानुसार, संघीय स्तर के आम चुनाव हर सम संख्या वाले वर्ष में नवंबर के पहले सोमवार के बाद पड़ने वाले मंगलवार को ही आयोजित किए जाते हैं।

अमेरिकी कानून में इस नियम को ‘ट्यूसडे आफ्टर द फर्स्ट मंडे इन नवंबर’ के रूप में परिभाषित किया गया है। यह तारीख 2 नवंबर से 8 नवंबर के बीच पड़ती है, जो इस वर्ष 3 नवंबर को आई है। इस विशिष्ट दिन और महीने के चयन की जड़ें 19वीं सदी के सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक ढांचे से जुड़ी हुई हैं।

चुनाव के लिए क्यों चुना गया नवंबर का महीना?

वर्तमान में अमेरिका विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन 19वीं सदी के दौरान देश की अर्थव्यवस्था और आजीविका का बड़ा हिस्सा कृषि पर आधारित था। उस समय अधिकांश नागरिक ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते थे।

चुनावी कार्यक्रम निर्धारित करते समय किसानों की व्यस्तता और मौसम को मुख्य आधार बनाया गया। वसंत और गर्मियों का समय बुवाई और फसल की देखभाल में बीतता था, जबकि शुरुआती शरद ऋतु में फसलों की कटाई का काम रहता था। नवंबर की शुरुआत तक कटाई का कार्य पूरा हो जाता था और कड़ाके की सर्दियों व बर्फबारी से पहले का यह समय दूरदराज के क्षेत्रों से यात्रा करने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता था।

रविवार की जगह मंगलवार को मतदान कराने की वजह

मतदान के लिए किसी अन्य कार्यदिवस या सप्ताहांत के बजाय मंगलवार को चुनने के पीछे धार्मिक मान्यताएं और परिवहन की सीमाएं मुख्य कारण थीं। 19वीं सदी में अधिकांश अमेरिकी आबादी ईसाई धर्म का पालन करती थी। उस दौर में रविवार का दिन पूरी तरह से चर्च जाने, प्रार्थना करने और धार्मिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहता था। धार्मिक मान्यताओं के कारण रविवार को गैर-जरूरी कार्य करने और लंबी यात्रा करने से परहेज किया जाता था।

उस समय मतदान केंद्र आमतौर पर काउंटी मुख्यालयों में स्थित होते थे, जहां पहुंचने के लिए किसानों और ग्रामीणों को घोड़ागाड़ी से लंबा सफर तय करना पड़ता था। यदि चुनाव सोमवार को रखे जाते, तो लोगों को रविवार को ही यात्रा शुरू करनी पड़ती, जो उनकी धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध था। इसलिए मतदाताओं को रविवार की प्रार्थना के बाद सोमवार को यात्रा करने और मंगलवार को अपने मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डालने की सुविधा दी गई। इसी व्यावहारिक तालमेल के कारण मंगलवार को मतदान का स्थायी नियम बनाया गया, जो आज भी जारी है।

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