Kaushambi News: कौशांबी जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज सहित चार नामजद और सैकड़ों अज्ञात समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। मंझनपुर नगर पालिका अध्यक्ष वीरेंद्र सरोज ने शनिवार शाम प्रयागराज जाते समय म्यौहर गांव के पास अपनी कार घेरने, गाली-गलौज और नारेबाजी करने का आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर विधानसभा सीट से विधायक इंद्रजीत सरोज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। विधायक के साथ-साथ चार नामजद व्यक्तियों और सैकड़ों अज्ञात समर्थकों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और मंझनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र सरोज की लिखित शिकायत पर की गई है।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के अनुसार, ओसा गांव निवासी वीरेंद्र सरोज ने शनिवार देर रात करारी थाने में तहरीर दी। शिकायत में बताया गया कि शनिवार शाम करीब पांच बजे वह अपनी कार से प्रयागराज की तरफ जा रहे थे। जब उनकी गाड़ी करारी थाना क्षेत्र के म्यौहर गांव के पास पहुंची, तभी विधायक इंद्रजीत सरोज और उनके समर्थकों ने वाहन को चारों तरफ से घेर लिया।
कार घेरकर नारेबाजी और जान से मारने की नीयत का आरोप
भाजपा नेता वीरेंद्र सरोज ने आरोप लगाया कि घेराव के दौरान विधायक इंद्रजीत सरोज के साथ ओसा निवासी वेदपाल, शादाब और शिवपूजन यादव भी मौके पर मौजूद थे। तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से कार को घेरा, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। घटना के समय भाजपा नेता की सुरक्षा में तैनात सरकारी गनर भी उनके साथ गाड़ी में मौजूद था।
करारी थाने में बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि वीरेंद्र सरोज की तहरीर के आधार पर शनिवार रात करारी थाने में विधायक इंद्रजीत सरोज, वेदपाल, शादाब, शिवपूजन यादव और सैकड़ों अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, बयानों और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।