Delhi News: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान एएसडीडी श्रेणी में दर्ज होने के कारण मसौदा सूची से बाहर रहे लोगों को निर्वाचन आयोग ने राहत दी है। आयोग ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा गणना प्रपत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का मौका दिया है, जिसके लिए जल्द विस्तृत शेड्यूल जारी होगा।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम (एएसडीडी) की श्रेणी में रखे गए नागरिकों को चुनाव आयोग ने नाम जुड़वाने का एक और अवसर दिया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम 31 अगस्त को जारी मसौदा सूची में शामिल नहीं हो पाए थे, वे अब दोबारा गणना प्रपत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि जिन लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए पहले ही प्रपत्र-6 भर दिया है, उन्हें दोबारा गणना प्रपत्र भरने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके आवेदनों का निस्तारण आयोग के 3 नवंबर के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
ईआरओ और एईआरओ कार्यालय में करना होगा आवेदन
इस व्यवस्था के तहत मतदाताओं को अपने संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास आवेदन करना होगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल घोषित किया जाएगा।
एएसडीडी सूची में दर्ज लोगों के अधूरे गणना प्रपत्र नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। मतदाता अपनी पुरानी वोटर आईडी संख्या दर्ज कर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप से भी प्रपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, आरडब्ल्यूए, पड़ोसियों और परिवार की मदद से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे।
पता न बदलने और दिल्ली में शिफ्ट होने वालों के लिए प्रक्रिया
जिन मतदाताओं का पता नहीं बदला है, वे अनुबंध-बी के साथ हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा कर सकेंगे, जिसमें पूर्व में प्रपत्र न जमा कर पाने का कारण दर्ज करना होगा। यह फॉर्म बीएलओ, ईआरओ या एईआरओ के पास व्यक्तिगत रूप से, परिवार के सदस्य के माध्यम से या ईसीआईनेट ऐप पर ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
वहीं, दिल्ली के भीतर ही दूसरे पते पर शिफ्ट होने वाले मतदाताओं को अलग से प्रपत्र-8 भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे नए पते और विधानसभा क्षेत्र के विवरण के साथ अनुबंध-सी और पते का प्रमाण संबंधित अधिकारी को दे सकते हैं। बेघर नागरिकों के पास दस्तावेज न होने पर बीएलओ की स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट को ही पते का मान्य प्रमाण माना जाएगा।
47 लाख से अधिक नाम रखे गए थे एएसडीडी श्रेणी में
दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद 31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में 97,53,577 नाम शामिल हुए, जबकि 47,56,722 मतदाताओं को एएसडीडी श्रेणी में डाला गया था। सीईओ कार्यालय द्वारा पूर्व में कराए गए सत्यापन में करीब 6,500 ऐसे मतदाता मिले थे, जिन्हें दोबारा शामिल किया जाना था। अब इस नई पहल से एएसडीडी सूची में शामिल अन्य छूटे हुए पात्र लोगों को भी अपना नाम अंतिम सूची में शामिल कराने की सुविधा मिलेगी।