National News: खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक ताजा दिखाने और उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए फॉर्मेलिन जैसे गैर-मंजूर रसायनों का उपयोग इंसानी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। प्रयोगशालाओं और मृत शरीरों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले इस केमिकल का भोजन में प्रयोग बेहद चिंताजनक है।
मछली और दूध को ताजा रखने के लिए अवैध रसायनों का सहारा
मछली, मांस और दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों को सही रखने के लिए मजबूत कोल्ड चेन और नियंत्रित तापमान जरूरी है। कुछ कारोबारी आर्थिक नुकसान से बचने और पुराने स्टॉक को नया दिखाने के लिए गैरकानूनी रूप से फॉर्मेलिन मिलाते हैं। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मछली में इसकी मिलावट पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
किडनी डैमेज और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का बड़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फॉर्मेलिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन पेट की खराबी, उल्टी और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। लंबे समय तक फॉर्मेल्डिहाइड के संपर्क में रहने से आंखों, सांस नली में जलन और कैंसर का जोखिम काफी बढ़ जाता है। रासायनिक चमक कभी भी गुणवत्ता की पहचान नहीं हो सकती।
खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और उपभोक्ताओं के लिए सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग को बाजारों, कोल्ड स्टोरेज और अन्य राज्यों से आने वाली खाद्य खेपों का औचक निरीक्षण बढ़ाने की आवश्यकता है। संदिग्ध नमूनों की नियमित लैब टेस्टिंग और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उपभोक्ताओं को भी अत्यधिक पुरानी दिखने वाली या अजीब गंध वाली वस्तुओं को खरीदने से पूरी तरह बचना चाहिए।