Shimla News: हिमाचल प्रदेश में इस साल मॉनसून भारी तबाही मचा रहा है। पिछले 55 दिनों में बादल फटने, लैंडस्लाइड, डूबने और बारिश से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं में कुल 224 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा राज्य में बुनियादी ढांचे को 1,121 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 23 अगस्त के बीच बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण 91 लोगों की मौत हुई। इसी अवधि में फिसलन व खराब मौसम के चलते सड़क हादसों में 133 लोगों ने जान गंवाई। पहाड़ी राज्य में हर दिन औसतन चार से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।
मंडी और कुल्लू में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित
राज्य भर में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण 149 मुख्य और संपर्क सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां 86 सड़कें बाधित हैं, जबकि कुल्लू में 31 सड़कें बंद पड़ी हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीमें रास्ते खोलने में जुटी हैं।
बिजली और पानी की सप्लाई बहाल करने में जुटा प्रशासन
राहत और बहाली कार्यों के चलते प्रभावित ट्रांसफॉर्मर (डीटीआर) की संख्या घटकर 60 रह गई है, जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार हो रहा है। इसके साथ ही प्रभावित पेयजल योजनाओं की संख्या भी घटकर 35 पर आ गई है। प्रशासन फील्ड टीमों के जरिए जरूरी सेवाओं को तेजी से बहाल कर रहा है।