New Delhi News: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर मंगलवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी और गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया. इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे खड़े हो गए और राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी पर चर्चा कराने की मांग दोहराने लगे. हालांकि सभापति ने इस मुद्दे पर अनुमति देने से इनकार कर दिया.
सभापति ने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर का मुद्दा राज्य से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को भी झारखंड का मुद्दा उठाने से रोका गया था. विपक्ष को रोज एक ही विषय उठाकर सदन बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
सभापति राधाकृष्णन ने सदस्यों से शांत होने की अपील करते हुए कहा, ”कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी… मैं केवल आपकी ओर से दबाव महसूस कर रहा हूं. सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते. आप हमेशा दबाव डालते हैं.” इसके बावजूद हंगामा शांत नहीं हुआ.
इससे पहले सुबह 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे गए. शून्यकाल में बीजू जनता दल के डॉ संतृत्त मिश्र ने ओड़िया भाषा में ओडिशा के उर्वरक संकट का मुद्दा उठाया. जैसे ही उनका वक्तव्य समाप्त हुआ, खरगे राम मंदिर का मुद्दा उठाने के लिए खड़े हो गए.
मल्लिकार्जुन खरगे के बोलते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया. विपक्ष की नारेबाजी और दोनों पक्षों के हंगामे को देखते हुए सभापति ने सबसे पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की थी. दोबारा बैठक शुरू होने पर भी स्थिति जस की तस बनी रही.