Mandi News: हिमाचल प्रदेश की मुख्य जीवनरेखा बन चुके कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर आने वाले सालों में गाड़ियों की आवाजाही तेजी से बढ़ेगी। पर्यटकों की बढ़ती तादाद और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते इस हाईवे पर ट्रैफिक काफी ज्यादा बढ़ने वाला है। एनएचएआई के एक हालिया सर्वे में यह बड़ा खुलासा हुआ है।
एनएचएआई ने मंडी जिले के पंडोह के पास ट्रैफिक लोकेशन पर एक विस्तृत अध्ययन किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अगले 15 वर्षों में फोरलेन पर वाहनों की संख्या दोगुनी से अधिक हो जाएगी। 2041 तक यह चार लेन राजमार्ग गाड़ियों का बोझ सहने के लिए छोटा साबित होने लगेगा।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एनएचएआई ने राजमार्ग को छह लेन में अपग्रेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। संस्था ने 2023 से 2049 तक के यातायात आंकड़ों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इस पूरी योजना का खाका केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक 2023 में इस मार्ग पर रोजाना औसतन 16,911 पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) और 4,480 कमर्शियल व्हीकल दर्ज हुए थे। 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 19,584 पीसीयू तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं 2038 तक इस रूट पर वाहनों की संख्या 35,165 पीसीयू तक पहुंच जाएगी।
असली बदलाव वर्ष 2041 में दिखेगा, जब रोजाना वाहनों की संख्या 40,705 पीसीयू और कमर्शियल वाहन 10,783 के पार निकल जाएंगे। तब सड़क का सर्विस लेवल ‘बी’ से गिरकर ‘सी’ कैटेगरी में आ जाएगा। जाम से राहत दिलाने के लिए इस मार्ग को छह लेन में बदलना बेहद जरूरी होगा।
आंकड़ों के अनुसार 2045 तक इस रूट पर 49,480 पीसीयू और 13,107 भारी कमर्शियल वाहन गुजरेंगे। वहीं वर्ष 2049 तक रोजाना 60,146 पीसीयू और 15,932 कमर्शियल वाहनों की आवाजाही होगी। पर्यटन और सामरिक महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार और एनएचएआई अभी से प्लानिंग में जुट गए हैं।
“कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर आने वाले 15 वर्ष में यातायात दोगुना हो जाएगा। मार्ग का सर्विस स्तर गिरकर सी श्रेणी में पहुंच जाएगा। ड्राइवर अपनी पसंद की गति से गाड़ी नहीं चला पाएंगे और ओवरटेकिंग थोड़ी कठिन हो जाएगी। इसे देखते हुए इस मार्ग को 2041 के बाद छह लेन में अपग्रेड करना होगा।” -वरुण चारी, परियोजना निदेशक एनएचएआइ मंडी।