Meerut News: कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेरठ प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने 3 अगस्त से 10 अगस्त तक जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है। मुजफ्फरनगर के बाद अब मेरठ में भी यह आदेश लागू हुआ है।
लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण लिया गया फैसला
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ शहर से होकर लाखों शिवभक्त गुजरते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। कई व्यस्त मार्गों को पूरी तरह से वनवे कर दिया गया है।
शहर के मुख्य चौराहों और प्रमुख कटों को बंद किए जाने से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। इस संभावित जाम और असुविधा से बचाने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का सख्त निर्णय लिया है।
प्री-प्राइमरी से लेकर डिग्री कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों पर लागू होगा नियम
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश जिले के सभी प्री-प्राइमरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लागू रहेगा। इसके अलावा यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी सरकारी व निजी माध्यमिक स्कूलों, डिग्री कॉलेजों, डायट और तकनीकी संस्थानों को भी इस दौरान पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेश की अनदेखी करने वाले या स्कूल खोलने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अधिकारियों ने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखें।
