इंदौर में 25 वर्षीय गौरव दवे ने जाते-जाते दी कई लोगों को नई जिंदगी, 68वें ग्रीन कॉरिडोर से दान किए अंग

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Indore News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है। खजूरी बाजार निवासी सतीश दवे के 25 वर्षीय बेटे गौरव दवे को ब्रेन हेमरेज के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। जवान बेटे को खोने के गहरे दुख के बीच परिवार ने अंगदान का एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लिया।

इंदौर में बना 68वां ग्रीन कॉरिडोर और अहमदाबाद भेजा गया दिल

अंगों को समय पर पहुंचाने के लिए इंदौर में सोमवार को 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। गौरव का लिवर इंदौर के राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती 42 वर्षीय मरीज को लगाया गया। वहीं, ग्रीन कॉरिडोर के जरिए उनका दिल अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल भेजा गया, जहां 28 वर्षीय युवा मरीज को नया जीवन मिला। इसके अलावा उनकी दोनों किडनियां दो महिला मरीजों को प्रत्यारोपित की गईं और आंखें भी दान कर दी गईं।

फिल्म इंडस्ट्री में काम करते थे गौरव, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई विदाई

गौरव फिल्म इंडस्ट्री में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम करते थे और खुद भी एक सफल एक्टर बनना चाहते थे। 13 जुलाई को ब्रेन हेमरेज होने के बाद उनका इलाज राजश्री अपोलो अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर मेडिकल बोर्ड ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया था। जिसके बाद मुस्कान पारमार्थिक ट्रस्ट की मदद से अंगदान की प्रक्रिया पूरी की गई।

अस्पताल की सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद गौरव की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। श्मशान घाट पर धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से गौरव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वह पंचतत्व में विलीन हो गए। दुखों के पहाड़ के बीच दवे परिवार के इस फैसले ने समाज के सामने इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है।

Desh Raj
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