Mahabubnagar News: तेलंगाना के महबूबनगर जिले में जमीन विवाद के चलते 28 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। ससुराल वालों पर महिला को घसीटकर घर ले जाने और सिर धड़ से अलग करने का आरोप है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
तेलंगाना के महबूबनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां जमीन विवाद के चलते 28 वर्षीय महिला की नृशंस हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान महबूबनगर मंडल के ओबुलाय्यापल्ली गांव की रहने वाली सुनीता के रूप में हुई है। घटना के बाद से सभी चार आरोपी फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
कोइलकोंडा पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर ए. नागराजू ने बताया कि मृतका के पिता वाल्या नाइक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 101 और 103 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए महबूबनगर के सरकारी जनरल अस्पताल भेजा गया है।
रास्ते से घसीटकर घर ले गए और किया हमला
पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर को सुनीता कोइलकोंडा मंडल के चिंथल थांडा स्थित अपने खेत की तरफ जा रही थी। उसी दौरान रास्ते में उसके ससुर माणिक्य नाइक, देवर मान्या नाइक, पांडु नाइक और पांडु की पत्नी पार्वती ने उसे रोक लिया।
आरोप है कि ससुराल वालों ने सुनीता के गले में कपड़ा बांधा और उसे घसीटते हुए अपने घर ले गए। इसके बाद आरोपियों ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और गला रेतकर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
1.5 एकड़ जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
सब-इंस्पेक्टर ने जानकारी दी कि सुनीता का विवाह करीब 12 साल पहले चिंथल थांडा निवासी बलराम से हुआ था। इस दंपति की दो बेटियां हैं। बलराम के अस्वस्थ रहने के कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर मतभेद रहते थे। लगभग एक साल पहले गांव के बुजुर्गों ने पंचायत कर मामले का निपटारा कराया था, जिसके तहत सुनीता और उसकी बेटियों के भरण-पोषण के लिए बलराम की 1.5 एकड़ जमीन सुनीता के नाम दर्ज कराई गई थी।
बलराम के भाई इस जमीन हस्तांतरण के सख्त खिलाफ थे। तनाव बढ़ने पर सुनीता कुछ समय के लिए अपने मायके ओबुलाय्यापल्ली चली गई थी। बाद में माता-पिता की समझाइश और नया घर बनने के बाद वह बीते एक महीने से अपनी बेटियों के साथ चिंथल थांडा में रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष लगातार उस पर जमीन छोड़ने और गांव छोड़कर चले जाने की धमकी दे रहा था, जिसके बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।