Kangra News: गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास प्रक्रिया के तहत मुआवजा मिलने के बाद प्रभावित परिवार अपने मकान खाली कर रहे हैं। रछियालू और कियोड़िया गांव में 12 मकान खाली हो चुके हैं, जहां लोग खुद अपने हाथों से पुराने घरों को तोड़ रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास (आरएंडआर) के तहत मुआवजा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपने आशियाने डिस्मेंटल करना शुरू कर दिया है। हालांकि कई परिवारों ने नई जगह पर रहने के लिए मकान बना लिए हैं, लेकिन सालों पुराने पुश्तैनी घरों से बिछड़ने का दर्द कम नहीं हो पा रहा है।
बुजुर्गों और परिवारों के लिए आसान नहीं यादें समेटना
रछियालू गांव के 80 वर्षीय पुरुषोत्तम चंद और 65 वर्षीय मस्त राम के लिए यह विदाई बेहद पीड़ादायक है। जिंदगी का बड़ा हिस्सा इन्हीं कमरों और आंगनों में बिताने वाले बुजुर्गों के चेहरे पर अपनी जमी-जमाई गृहस्थी को छोड़ने की लाचारी और कसक साफ नजर आ रही है।
रेखा देवी और 45 वर्षीय परवीन जैसे अन्य ग्रामीण भी इस भावुक मोड़ से गुजर रहे हैं। जिन आंगनों में पीढ़ियों ने सुख-दुख के पल बिताए, आज उन्हें खाली करना पड़ रहा है। सामान समेटने के साथ-साथ उन सभी पुरानी यादों को अलविदा कहना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
