Shimla News: राजधानी शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। शाम 6:10 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रिमोट का बटन दबाकर 45 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मौजूदगी से पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर परिसर में मंगलवार को विजयादशमी पर्व पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। शाम 6:10 बजे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रिमोट कंट्रोल से 45 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। इसके साथ ही 40-40 फुट ऊंचे मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी धू-धू कर जल उठे। इस दौरान पूरा जाखू क्षेत्र ‘जय श्री राम’ के नारों से गुंजायमान हो गया और हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद किया।
पंजाब से आए कुशल कारीगरों द्वारा विशेष तकनीक से तैयार किए गए पुतले इस बार मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। युद्ध की वेशभूषा में सजे रावण के पुतले में विशेष तकनीकी प्रभाव जोड़े गए थे। दहन के दौरान रावण के सिर से आग की लपटें निकलीं, आंखों से आंसुओं की धारा बहती दिखाई दी और पुतले के मध्य से फव्वारे का प्रदर्शन हुआ, जिसे देखकर उपस्थित लोग अचंभित रह गए।

राजधानी के अन्य क्षेत्रों जैसे बालूगंज, शोघी, जुन्गा, टुटू, रामनगर, ढली, संजौली और संकटमोचन में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। रामनगर में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुतलों का दहन किया, जबकि टुटू में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए। इसके अलावा खुशाला मंदिर में रावण दहन से पूर्व सैहल स्कूल मैदान तक ठाकुर जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। मंदिर समिति के महासचिव प्रेम ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं ने पारंपरिक नृत्य कर झंडे की रस्म पूरी की।
भव्य झांकियों ने मोहा मन, कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
दशहरा उत्सव के उपलक्ष्य में नाभा युवक मंडल की ओर से शहर में भव्य झांकियां निकाली गईं। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुई यह शोभा यात्रा लोअर बाजार से होते हुए जाखू स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जिसे देखने के लिए समूचे बाजार में लोगों का तांता लगा रहा। शाम को रावण दहन से पहले मंदिर परिसर में कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और विशेष यातायात व्यवस्था
प्रशासन और पुलिस ने पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व यातायात के कड़े प्रबंध किए थे। मंदिर मार्ग पर निजी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रही और वाहनों को तय पार्किंग स्थलों पर ही रोका गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने रिट्ज और नवबहार से जाखू तक कुल 11 अतिरिक्त टैक्सियां संचालित कीं। इनमें 7 टैक्सियां रिट्ज से और 4 नवबहार से चलाई गईं।
व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नवबहार में सब-इंस्पेक्टर साजू राम को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इसके साथ ही रिट्ज में इंस्पेक्टर संजीव और जाखू हनुमान मंदिर में सब-इंस्पेक्टर जांकी दास व सुरेंद्र कुमार ने कमान संभाली।
