Lucknow News: राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे के वायरल इंटरव्यू वीडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में लापरवाही और फजीहत से बचने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पहले इंस्पेक्टर, फिर डीसीपी और अब एसीपी को उनके पद से हटा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के रहने वाले और कैफे संचालक शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर की रात अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई थी। शिवा की मां रंजना ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि समेत पांच लोगों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मां का आरोप है कि श्रद्धा उनके बेटे को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती थी और माफियाओं से प्रताड़ित कराती थी।
फरार मॉडल के इंटरव्यू से घिरी पुलिस
घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी जब पुलिस के हाथ खाली रहे और फरार मॉडल पर इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की जा रही थी, तब श्रद्धा दुबे का एक मीडिया संस्थान को दिया गया इंटरव्यू सामने आ गया। फरार होने के बावजूद मॉडल के कैमरे के सामने आने और बेबाक बयान देने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। इससे साफ हुआ कि रसूखदार लोगों के संरक्षण के कारण पुलिस उस तक नहीं पहुंच पा रही है।
गाज गिरने का सिलसिला: इंस्पेक्टर से लेकर एसीपी तक हटे
वीडियो सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाए:
- इंस्पेक्टर पर कार्रवाई: रविवार दोपहर हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया।
- डीसीपी पर कार्रवाई: इसके बाद देर रात डीसीपी विक्रांत वीर को उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह अर्पित विजयवर्गीय को नया डीसीपी मध्य बनाया गया है।
- एसीपी पर कार्रवाई: सोमवार सुबह हजरतगंज के एसीपी रजनीश वर्मा को भी हटाकर सहायक पुलिस आयुक्त अपराध के पद पर भेज दिया गया।
इसके साथ ही कैसरबाग के एसीपी अभिषेक कुमार पांडेय को हजरतगंज की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, और अन्य प्रशासनिक फेरबदल भी किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
