Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर निवासी युवक की रूस में गंभीर बीमारी से मौत हो गई। आर्थिक तंगी के कारण विनीत का पार्थिव शरीर 18 दिनों तक विदेश में फंसा रहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के विशेष हस्तक्षेप के बाद शव पैतृक गांव बड़ई पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
सुजानपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत बड़ई निवासी विनीत कुमार रोजगार की तलाश में इसी साल अगस्त में रूस गया था। सितंबर माह में वहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर उसने 28 सितंबर की भारत वापसी की एयर टिकट भी बुक करवाई, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसकी हालत अचानक बहुत नाजुक हो गई।
गंभीर स्थिति को देखते हुए विनीत को तुरंत रूस के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 29 सितंबर को इलाज के दौरान विनीत ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन ने इलाज का बिल करीब 5 से 6 लाख रुपए बताया, जिसे चुकाने में गरीब परिवार पूरी तरह असमर्थ था।
अस्पताल के भारी खर्च और कागजी अड़चनों के बीच सांसद ने की मदद
आर्थिक तंगी और कागजी औपचारिकताओं के चलते विनीत का पार्थिव शरीर लगभग 18 दिनों तक रूस में ही रुका रहा। बेटे के शव की वापसी न होने से परिजन बेबस थे। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने सांसद अनुराग ठाकुर से मिलकर मदद मांगी। सांसद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जरूरी कदम उठाए।
अनुराग ठाकुर की त्वरित पहल से मात्र दो दिन के भीतर युवक का शव रूस से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। इसके बाद एक संस्था की नि:शुल्क एंबुलेंस से पार्थिव देह को हमीरपुर स्थित पैतृक घर भेजा गया। शनिवार को जब शव गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
