Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह उपमंडल में मौसम की मार से किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार शाम को ग्राम पंचायत खजुआ, सेईकोठी और मंगली क्षेत्रों में अचानक भारी ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी मटर की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
किसानों के मुताबिक मटर का सीजन अभी एक महीना बाकी था, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। इस बार किसानों ने 200 से 250 रुपये प्रति किलो के महंगे दामों पर कर्ज लेकर मटर का बीज खरीदा था। फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन कुदरत के इस कहर ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
ओलावृष्टि से मटर की फसल नष्ट होने के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। परिवार के भरण-पोषण और भविष्य के आर्थिक संकट की चिंता से किसान बेहद परेशान हैं। इस साल चुराह विधानसभा क्षेत्र की कई पंचायतों में रिकॉर्ड ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जिससे लगातार फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से तुरंत नुकसान के आकलन की मांग की
किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से गुहार लगाई है कि अधिकारी तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें। उन्होंने मांग की है कि खेतों का निरीक्षण कर फसल के नुकसान का जल्द से जल्द सटीक आकलन किया जाए।
इसके साथ ही प्रभावित किसानों ने सरकार से तुरंत उचित मुआवजा देने की मांग की है। ताकि वे अपने परिवारों का पालन-पोषण कर सकें और कर्ज के भारी संकट से बाहर निकल सकें।
