Gandhidham News: राजस्व खुफिया निदेशालय ने पाकिस्तान से अवैध रूप से भारत लाया जा रहा 7,311 मीट्रिक टन हिमालयन रॉक सॉल्ट पकड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है। इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सीमा शुल्क अधिनियम के तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच में सामने आया कि मार्च 2026 से नौ आयातकों ने श्रीलंका के रास्ते 295 कंटेनर भारत के मुंद्रा और कांडला पोर्ट पर मंगाए थे। इसमें से 140 मीट्रिक टन सेंधा नमक जब्त किया गया है। तस्करों ने संयुक्त अरब अमीरात की कंपनियों के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन और इनवॉइस तैयार करवाए थे।
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार लोगों में दो आयातक फर्मों के मालिक, कस्टम ब्रोकर का एक जी-कार्ड होल्डर और दुबई का सप्लायर शामिल है। डीआरआई भारत की प्रमुख तस्करी-विरोधी खुफिया एजेंसी है। यह एजेंसी ड्रग्स, सोना, विदेशी मुद्रा और जाली नोटों की अवैध तस्करी को रोककर देश की आर्थिक सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
जानिए क्या होता है हिमालयन रॉक सॉल्ट और कहां पाई जाती हैं खदानें
हिमालयन रॉक सॉल्ट यानी सेंधा नमक एक प्राकृतिक खनिज है। इसे समुद्री पानी सुखाकर नहीं बल्कि खनिज खदानों से निकाला जाता है। भारत में इसे बेहद शुद्ध माना जाता है और उपवास के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इसे लाहौरी नमक या हिमालयन पिंक सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है।
इसका रंग सफेद, हल्का गुलाबी या नीला हो सकता है। इसमें सोडियम क्लोराइड के साथ कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज होते हैं। भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में इसकी सीमित खदानें मौजूद हैं। हालांकि इसका सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित खेवड़ा सॉल्ट माइन है।
प्रतिबंध के बावजूद श्रीलंका के रास्ते भारत क्यों आ रहा था नमक
भारत में रॉक सॉल्ट का उत्पादन काफी कम है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से सीधे या किसी तीसरे देश के जरिए होने वाले आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इसके बाद भारत अब यूएई, मलेशिया, जर्मनी, ईरान, अफगानिस्तान, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया से नमक मंगाता है।
तस्करों ने इस सरकारी प्रतिबंध से बचने के लिए श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट का रास्ता चुना। डीआरआई ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद 26 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 के बीच विशेष तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई गांधीधाम, आदिपुर, वेरावल, पानीपत, पुणे, पटियाला, दिल्ली और मुंबई के विभिन्न ठिकानों पर की गई।
जांच में सामने आया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच बने बिल ऑफ लैडिंग में मूल देश पाकिस्तान और गंतव्य भारत ही दर्ज था। तस्करों ने फर्जी दस्तावेज जमा करके यह छिपाने की कोशिश की थी कि यह नमक पाकिस्तान का है। एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।
