New Delhi News: मौसम विभाग ने बारह अक्टूबर को देश के चौबीस राज्यों में भारी बारिश और सत्तर किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। मौसमी प्रणालियों के असर से मैदानी राज्यों में फसलों को नुकसान और पहाड़ी इलाकों में बेमौसम बर्फबारी व भूस्खलन का बड़ा खतरा बना हुआ है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ का दोहरा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इनके असर से दो राज्यों में ओले गिरने और तीन राज्यों में बर्फबारी की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में अस्थिरता के कारण पूर्वोत्तर में बिजली गिरने का खतरा है, जिससे मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में तेज हवाओं का अनुमान
दिल्ली में साठ किलोमीटर प्रति घंटा की हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और गोरखपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी है। पंजाब के अमृतसर, जालंधर और चंडीगढ़ में तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं राजस्थान के जयपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर-भोपाल में भी मौसम बिगड़ने की संभावना जताई गई है।
बिहार, बंगाल में आंधी और पहाड़ी राज्यों में पारा शून्य
बिहार के पटना और भागलपुर में पचास किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि झारखंड और कोलकाता में आंधी का अलर्ट है। उधर उत्तराखंड के देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के मनाली में तापमान शून्य डिग्री तक गिरने और जम्मू-कश्मीर के बारामूला व श्रीनगर में यात्रा से पहले अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
