New Delhi News: देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 15 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। मौसम विभाग और निजी पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत हो जाएगी, जिससे कई तटीय इलाकों में तेज बारिश होगी।
पूर्वोत्तर मानसून के आगमन से इन राज्यों में होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार 15 से 21 अक्टूबर के दौरान मानसून की पूर्ण वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय होने से प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वी तट पर व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी। इस दौरान दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, दक्षिणी कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधि सामान्य से काफी कम रहने का अनुमान जारी किया गया है।
मानसून वापसी की मौजूदा स्थिति और विदाई के आंकड़े
स्काईमेट वेदर के अध्यक्ष जी.पी. शर्मा के मुताबिक 19 सितंबर से शुरू हुई वापसी अब अंतिम पड़ाव पर है। वर्तमान में वापसी रेखा सुपौल, रांची, हैदराबाद और पणजी से गुजर रही है। देश के पश्चिमी हिस्सों से मानसूनी हवाएं लगभग पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं।
अगले कुछ दिनों में मध्य और पूर्वी भारत से भी बादल हट जाएंगे। यदि 15 अक्टूबर तक विदाई की आधिकारिक घोषणा होती है, तो यह हाल के वर्षों की सबसे तेज वापसी होगी। इससे पहले वर्ष 2024 में 15 अक्टूबर और 2025 में 16 अक्टूबर को विदाई दर्ज हुई थी।
