Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश के छात्र अब रटने के बजाय व्यावहारिक समझ के आधार पर परीक्षाएं देंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए संशोधित मॉडल प्रश्न-पत्र जारी कर दिए हैं। ये सैंपल पेपर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि परीक्षा प्रणाली को छात्र-केंद्रित, कौशल-आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। नए मॉडल प्रश्न-पत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और परख टेक्सोनोमी के नियमों के अनुसार तैयार किए गए हैं। इससे छात्रों की तार्किक चिंतन और विश्लेषणात्मक क्षमता का सही आकलन हो सकेगा।
इन प्रश्न-पत्रों का उद्देश्य केवल किताबी जानकारी की जांच करना नहीं है, बल्कि छात्रों की विषयगत समझ और समस्या-समाधान की क्षमता को परखना है। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा नीति का मुख्य लक्ष्य भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समावेशी और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुकूल बनाना है ताकि छात्र हर चुनौती का मुकाबला कर सकें।
डॉ. शर्मा ने कहा, “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी प्रतिभा एवं रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के लिए सक्षम बनाना है।” इसके लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में लगातार सुधार आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड राज्य में शिक्षा के स्तर को निरंतर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड छात्रों को आधुनिक युग की जरूरतों के अनुसार बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है। नए मॉडल प्रश्न-पत्र और मूल्यांकन पद्धति में बदलाव इसी दीर्घकालिक सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
