Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छात्रों के साथ एक बातचीत के दौरान अपनी सरकार के सामने आ रही बड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान एक छात्र ने उनसे जनता की उम्मीदों और सीमित समय के सही इस्तेमाल को लेकर सवाल पूछा था।
मुख्यमंत्री ने छात्र के सवाल का सीधा जवाब देते हुए कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना और समय का बेहतर इस्तेमाल दोनों ही बेहद जरूरी काम हैं। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि राज्य की डामाडोल आर्थिक स्थिति में समय रहते सुधार लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है।
बातचीत में सुक्खू ने अपनी सरकारी जिम्मेदारियों से जुड़ी कई बातों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमित बजट और संसाधनों के बीच राज्य में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाना आसान नहीं होता। राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूती देना उनकी सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को आर्थिक मोर्चे पर सुधार के लिए एक साथ कई स्तरों पर काम करना पड़ता है। एक तरफ राज्य के आम लोगों की दैनिक जरूरतों और भारी उम्मीदों को पूरा करना जरूरी है, तो दूसरी तरफ उपलब्ध सरकारी संसाधनों का बेहद प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना भी आवश्यक है।
सुक्खू ने यह भी माना कि सरकार के सामने केवल वित्तीय समस्याएं ही नहीं होतीं, बल्कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भी एक बड़ा दायित्व है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों के हिसाब से संतुलन बनाकर विकास कार्य कराना एक सतत चुनौती बनी रहती है।
छात्रों से अपने अनुभव बांटते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी शासन को चलाने के लिए प्राथमिकताएं तय करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उपलब्ध समय और वित्तीय संसाधनों का सही तालमेल बिठाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना ही उनकी सरकार की सबसे मुख्य जिम्मेदारी रही है।