हिमाचल प्रदेश में सितंबर में 6 साल बाद हुई बर्फबारी, बारिश और भूस्खलन से कई रास्ते बंद

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में विदा होते मानसून ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में छह साल बाद सितंबर के महीने में बर्फबारी दर्ज की गई है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति सहित ऊंची चोटियों पर हिमपात और कई जिलों में झमाझम बारिश से तापमान तेजी से गिरा है, जिससे पूरे प्रदेश में अचानक ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति में हल्की बर्फबारी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शिमला और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी है। सोलन, बिलासपुर, मंडी और कुल्लू में भी मध्यम बारिश की संभावना है। राज्य में 29 सितंबर को हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो जाएगा।

खराब मौसम और भूस्खलन के कारण प्रदेश में करीब 66 सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। मंडी की सराज घाटी में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। बारिश और बर्फबारी की वजह से किन्नौर के पूह में नेशनल हाईवे बंद है। इसके अलावा 116 ट्रांसफार्मर ठप्प होने से कई इलाकों में बिजली गुल है।

हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक करीब 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान विभिन्न हादसों में 369 लोगों की मौत हुई। इनमें से 220 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, जबकि 149 लोगों की मौत भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने और अन्य घटनाओं के कारण हुई।

शिमला जिले के जांगलिख पुल के पास रविवार को भयानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से गिरते पत्थरों की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने वाहन चालकों को समय रहते सतर्क कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक बीते 20 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री और अधिकतम तापमान में 2 से 7 डिग्री तक गिरावट आई है।

राज्य में सबसे ज्यादा 73.4 मिलीमीटर बारिश कांगड़ा में दर्ज की गई। इसके अलावा धर्मशाला में 61.1, सांगला में 45.6 और कल्पा में 30.4 मिलीमीटर पानी बरसा। बर्फबारी के चलते ताबो में तापमान सबसे कम 4 डिग्री मापा गया, जबकि शिमला में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और ऊना में 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

प्रदेश में आमतौर पर 25 सितंबर तक मानसून विदा हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें देरी हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 29 सितंबर के बाद राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। हिमाचल में 4 अक्तूबर तक धूप खिली रहेगी और लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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