Shimla News: हिमाचल प्रदेश ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद विकास की राह पर नया मुकाम हासिल किया है। केंद्र सरकार की वीबी-जी राम जी योजना में हिमाचल ने 12 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों में उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों को पछाड़कर मजबूत बढ़त हासिल की है।
योजना के तहत राज्य में 12.87 लाख सक्रिय श्रमिकों ने 19.23 लाख मानव दिवस अर्जित किए। प्रदेश ने कुल 68.93 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें से 54.05 करोड़ रुपये सीधे मजदूरी के रूप में श्रमिकों को मिले। इस अवधि में 1415 विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं।
मजदूरी व्यय की हिस्सेदारी में हिमाचल का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। कुल खर्च का 79.57 प्रतिशत हिस्सा सीधे श्रमिकों के खातों में पहुंचा है। हालांकि मिजोरम में कुल खर्च 83.08 करोड़ रुपये रहा, लेकिन वहां मजदूरी की हिस्सेदारी 69.84 प्रतिशत ही दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश ने कम कुल बजट खर्च के बावजूद श्रमिकों को मजदूरी मद में अपेक्षाकृत बेहतर हिस्सा देना सुनिश्चित किया है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि तब हासिल हुई, जब प्रदेश में पंचायती राज चुनाव और जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया जारी थी।
तमाम प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच भी हिमाचल ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन से मिसाल कायम की है। राज्य सरकार के प्रभावी प्रबंधन और श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी के कारण ही पहाड़ी राज्यों की सूची में हिमाचल सबसे आगे निकलने में पूरी तरह सफल रहा है।