Shimla News: हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार जून से 9 सितंबर तक राज्य में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि मानसून सितंबर के अंत तक सक्रिय रहेगा, जिससे बारिश की कमी पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में इस साल मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद कई इलाकों में रुक-रुक कर मेघ बरसे, लेकिन मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहीं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून से 9 सितंबर तक हुई कुल बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर अब कई क्षेत्रों में दिखने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सितंबर के अंत तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से यह कमी पूरी हो सकती है। पर्वतीय इलाकों में बारिश का सीधा असर जनजीवन, सड़कों और खेती पर पड़ता है। हालांकि इस दौरान भारी बारिश से कई जगह लैंडस्लाइड और ट्रैफिक की समस्याएं भी सामने आई हैं।
हिमाचल में अधिकांश किसान अपनी फसलों के लिए मानसूनी बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। इस बार सामान्य से कम बारिश होने के कारण कुछ इलाकों में फसलों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों की चिंता को देखते हुए मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और समय-समय पर मौसम का अलर्ट जारी कर रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि सभी क्षेत्रों में एक समान बारिश होने के आसार नहीं हैं। सितंबर के बाकी दिनों में मानसून की चाल ही तय करेगी कि बारिश का अंतिम आंकड़ा क्या रहता है। फिलहाल सीजन समाप्त होने में थोड़ा समय शेष है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे, मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट
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