Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में विकास की भारी कीमत चुका रहे दो परिवारों का आशियाना एक बार फिर छिन गया है। द्रंग गांव के यह परिवार अब तीसरी बार अपना घर बसाने के लिए मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। फोरलेन निर्माण और हाईवे का डंगा धंसने से प्रभावित लोग अब किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
मंडी जिले के पधर उपमंडल के द्रंग गांव निवासी धर्मा देवी और देवेंद्र सिंह का परिवार विकास की मार झेल रहा है। पहले मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे (एनएच) के निर्माण के दौरान इनके बसे-बसाए घर ढहा दिए गए थे। उस समय मिली मुआवजा राशि से इन्होंने नई जगह पर फिर से अपने आशियाने खड़े किए थे।
नया आशियाना बने अभी कुछ ही दिन हुए थे कि नवनिर्मित हाईवे का विशालकाय डंगा अचानक धंस गया। इस हादसे में दोनों परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। अपनी जमापूंजी और मुआवजा राशि लगा चुके यह लोग अब फिर से किराए के कमरों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने सरकार से दोगुना मुआवजे की मांग की है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि हाईवे के कलवर्ट के पास पानी का रिसाव होने से डंगा क्षतिग्रस्त हुआ है। नुकसान के आंकलन के लिए डीसी मंडी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने घटनास्थल का दौरा कर लिया है और रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्य कर रही गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी के जीएम विकास नागर ने बताया कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए कंपनी उन्हें 8 हजार रुपये प्रति माह की दर से किराया दे रही है। यह राहत राशि मुआवजा मिलने के 6 महीने बाद तक दी जाएगी। फिलहाल पीड़ित परिवार जल्द से जल्द मुआवजा मिलने की आस लगाए बैठे हैं।