Mandi News: हिमाचल प्रदेश में मनाली और लेह-लद्दाख जाने वाले देशभर के पर्यटकों को बड़ी राहत मिली है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तहत बनी ड्योढ़ और हणोगी टनल को गाड़ियों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। अब मंडी से कुल्लू की दूरी केवल एक घंटे में पूरी होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इन दोनों नई टनल के शुरू होने से यात्रियों का एक घंटे का समय बचेगा। पहले मंडी से कुल्लू के सफर में करीब दो घंटे लगते थे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आगामी विंटर टूरिस्ट सीजन और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को ध्यान में रखते हुए इस काम को समय से पहले पूरा किया है।
मनाली हाईवे पर जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी के पास पर्यटकों को अक्सर घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता था। हणोगी के पास बार-बार लैंडस्लाइड होने से रास्ता बंद हो जाता था और हादसे का खतरा रहता था। इन टनल के खुलने से प्रभावित सड़क का हिस्सा 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह गया है और 5.5 किलोमीटर लंबा संवेदनशील लैंडस्लाइड क्षेत्र पूरी तरह बाईपास हो गया है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मंडी-मनाली के पंडोह-टकोली सेक्शन में इन दोनों टनल का निर्माण किया है। इसमें 2.8 किलोमीटर लंबी ड्योढ़ टनल और 650 मीटर लंबी हणोगी टनल शामिल है। इन दोनों सुरंगों को ‘खोतीनाला’ के पास 140 मीटर लंबे और 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है। सुरक्षा के लिए अंदर सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट जैसे विश्वस्तरीय इंतजाम हैं।
एनएचएआई के मेंबर प्रोजेक्ट्स विपनेश शर्मा ने हाल ही में 7 सितंबर को मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्था का जायजा लिया था। ड्योढ़ और हणोगी सुरंगें 18.908 किलोमीटर लंबे पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिस पर करीब 4465.94 करोड़ रुपए की लागत आ रही है। अब दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों के लिए मनाली, अटल टनल, मणिकर्ण और रोहतांग का सफर काफी सुगम हो गया है।