Shimla News: चौपाल उपमंडल के नेरवा तहसील की पांच पंचायतों को पेयजल संकट से स्थायी राहत मिलने जा रही है. जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता रजनीश वर्मा ने ठप पड़ी योजनाओं का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने तीन दिन के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर एक हफ्ते में जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं.
निरीक्षण के दौरान शामठा, रंघोल, जनोग, ईड़ा और दरभाड़ गांवों में पाइप लाइन टूटने और तकनीकी खराबी पाई गई. इस वजह से ग्रामीण खड्डों से पानी ढोने को मजबूर थे. अभियंता ने मौके पर ही कनिष्ठ अभियंता और ठेकेदार को तीन दिन में काम पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए.
इसी दौरान दरभाड़ गांव में आजादी के 79 साल बाद पहली बार नलों से पानी पहुंचा. आठ दशकों का लंबा इंतजार खत्म होने पर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे. किसी वरिष्ठ अधिकारी को खुद धरातल पर उतरकर तुरंत समाधान निकालते देख स्थानीय लोगों ने विभागीय कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की.
सालों से खड्डों और नालों से पानी लाने को मजबूर दरभाड़ गांव के लोगों का सपना अब सच हो गया है. जब पहली बार नल से पानी की धारा फूटी तो कई महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. ग्रामीणों का कहना है कि यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है.
गांव की एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा, “पानी वाले यह साहब हमारे लिए तो भगवान हैं.” ग्रामीणों ने बताया कि उनके पूर्वज नलों में पानी आने की उम्मीद में जिंदगी भर खड्डों से पानी ढोते रहे, लेकिन आज जाकर उनका यह पुराना सपना पूरा हो पाया है.