Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले बड़े वैश्विक महासम्मेलन के लिए विदेशी नेताओं का आगमन शुरू हो चुका है। इस अहम सत्र का विषय समावेशी वैश्विक विकास पर आधारित है, जिसका समापन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के साथ होगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई दिग्गज नेता भारत की धरती पर पहुंच चुके हैं।
विदेशी मेहमानों के भारत पहुंचने का पूरा कार्यक्रम
- 10 सितंबर: ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा रात 9:50 बजे आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे।
- 11 सितंबर: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रात 1:15 बजे पालम पहुंचे। इसके बाद डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस गेब्रियेसस, एआईआईबी अध्यक्ष झोउ जियायी, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अल्पू सुबह पहुंचे। दोपहर में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, एनडीबी अध्यक्ष डिल्मा राउसेफ, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा का आगमन तय है। शाम से देर रात तक मिस्र, यूएई, मलेशिया, इथियोपिया, बुरुंडी, इंडोनेशिया, फिलीपींस के राष्ट्राध्यक्ष, क्यूबा के विदेश मंत्री और डब्ल्यूटीओ महानिदेशक पहुंचेंगे।
- 12 सितंबर: बेलारूस के विदेश मंत्री, वियतनाम के प्रधानमंत्री, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, बहरीन के विदेश मंत्री, कजाखस्तान के राष्ट्रपति और सऊदी अरब के विदेश मंत्री का आगमन निर्धारित है।
राजधानी में सुरक्षा का कड़ा और अभेद्य घेरा
महासम्मेलन में दुनिया भर के शक्तिशाली नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। जमीन से लेकर आसमान तक कड़े पहरे के इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगभग 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की गई हैं।
हवाई अड्डों से लेकर सम्मेलन स्थल और वीवीआईपी होटलों के रास्तों पर 500 से अधिक आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या सुरक्षा चूक न हो। सभी सुरक्षा बलों को आपसी समन्वय के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है।