Shimla News: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में केवल 14 महीने का समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार एक अहम राजनीतिक मोड़ पर खड़ी है। हाल ही में उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों के तीन दिवसीय दिल्ली दौरे से प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच दिल्ली गए कैबिनेट मंत्री शिमला लौट आए हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर वीरवार को शिमला पहुंचकर सीधे राज्य सचिवालय गए। दोनों मंत्रियों ने अपने विभागों की लंबित फाइलों की गहन समीक्षा की।
उपमुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्री भी वापस लौट आए हैं, लेकिन मंत्रियों की दिल्ली यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी। मंत्रियों ने पार्टी के अन्य केंद्रीय नेताओं से मिलकर प्रदेश के राजनीतिक हालात और अपने-अपने विभागों के कामकाज का पूरा फीडबैक हाईकमान को सौंपा है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि वह दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात कर संगठन को फीडबैक दिया है। अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और आलाकमान की बैठक के बाद अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
सरकार के साढ़े तीन साल से अधिक का कार्यकाल बीत चुका है। ऐसे में सरकार के सामने गारंटियों के साथ-साथ अगले 14 महीनों का रोडमैप रखने की बड़ी चुनौती है। यदि अंदरूनी खींचतान जारी रही तो इसका सीधा असर मिशन-2027 की तैयारियों और विकास कार्यों पर पड़ सकता है।
मंत्रियों के शिमला से बाहर रहने के कारण शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक टल गई है। हालांकि अधिसूचना में कारण अपरिहार्य बताया गया है। इस बीच कांग्रेस आलाकमान से हरी झंडी न मिलने के कारण मंत्रिमंडल विस्तार अब नवरात्र या दीपावली तक लटक गया है।