Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गंभीर सैन्य टकराव एक बार फिर बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सेना के लगभग पूर्ण नियंत्रण का बड़ा दावा किया है।
ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था और बातचीत से इनकार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान को दोबारा वार्ता की मेज पर लाने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं रखते। उन्होंने उन सभी मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज किया, जिनमें वाशिंगटन द्वारा तेहरान पर समझौते का दबाव बनाने की बात कही जा रही थी। उनके अनुसार अमेरिका वर्तमान में बेहद मजबूत स्थिति में है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य दबाव से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने ईरानी जनता से देश की मौजूदा सत्ता के खिलाफ उठ खड़े होने का सीधा आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरानी सत्ता पर तीखे हमले भी किए।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और होर्मुज पर बढ़ता टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम समुद्री ऊर्जा गलियारा है, जहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। जहां एक तरफ अमेरिकी सेना इस मार्ग पर पूरा वर्चस्व होने का दावा कर रही है, वहीं ईरानी प्रशासन ने अमेरिकी नियंत्रण के इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध का खतरा गहरा गया है।