Tibet News: तिब्बत में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में स्थित था। इस झटके से लोगों में दहशत फैल गई, लेकिन फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है।
यह भूकंप नेपाल सीमा के पास पिछले हफ्ते आई भारी तबाही के ठीक सात दिन बाद आया है। 26 अगस्त को तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से अचानक बाढ़ आ गई थी। इस प्राकृतिक आपदा ने सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों और बस्तियों में भारी विनाश मचाया, जिससे बड़ी संख्या में जान-माल का भारी नुकसान हुआ था।
ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में अब तक भारी तबाही
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद से 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 4,875 से ज्यादा नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में आई इस आपदा के बाद तिब्बत से लगभग 100 नेपाली नागरिक भी लापता चल रहे हैं।
नेपाल के रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी के तेज बहाव में बहे कम से कम 19 शव भारतीय क्षेत्र से बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार ये शव त्रिशूली और नारायणी नदियों से बहकर भारतीय सीमा तक पहुंचे। रूपंदेही और नवलपरासी जिलों से सटी सीमा पर राहत और बचाव कार्य अब भी लगातार जारी है।