Riyadh News: सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित हेडक्वार्टर पर हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से भीषण हमला किया है। इस हमले में इमारत की ऊपरी मंजिलों को भारी नुकसान पहुंचा और भीषण आग लग गई। हादसे में तीन लोगों के मारे जाने की आशंका है।
हमले के बाद इमारत से घना धुआं उठता देखा गया और आग तेजी से नीचे की मंजिलों में फैल गई। प्रभावित हिस्से में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और शीर्ष अधिकारियों के दफ्तर मौजूद थे। सऊदी अरब की राजधानी रियाद और अल-खर्ज के सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी मिसाइलें दागी गई हैं।
रियाद और प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भी दागी मिसाइलें
हूती विद्रोहियों ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस और अन्य सुरक्षा केंद्रों को निशाना बनाते हुए क्रूज मिसाइल और ड्रोन दागे। विद्रोहियों का दावा है कि यह हमला सना और उनके तेल ठिकानों पर हुई बमबारी का सीधा जवाब है। रियाद एयरपोर्ट पर हमलों में मृतकों की संख्या बढ़कर अठारह हो गई है।
इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष में सीधी भागीदारी की संभावना पर विचार करने की बात कही है। दूसरी तरफ हूती प्रतिनिधियों का कहना है कि रूस, चीन और ओमान शांति समझौते के लिए संपर्क कर रहे हैं। वे एक स्थायी संघर्षविराम के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यमन के तैज शहर में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि हूती घेराबंदी के चलते छह लाख लोगों के सामने भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लगातार जारी इन हमलों ने सऊदी अरब के तेल और पर्यटन कारोबार को भारी आघात पहुंचाया है।
