रूस ने कीव पर दागे 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलें, पश्चिमी देशों को दी दो टूक चेतावनी

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Kyiv News: रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हवाई हमला किया है। ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने के साथ एक बच्चे सहित नौ लोग घायल हुए हैं। वहीं मॉस्को ने पश्चिमी देशों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यूक्रेन में तैनात होने वाले किसी भी विदेशी सैन्य बल को वैध निशाना माना जाएगा।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन में विदेशी सैनिकों की किसी भी संभावित तैनाती को लेकर पश्चिमी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। इसके साथ ही रूसी सेना ने राजधानी कीव सहित यूक्रेन के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हवाई हमले किए हैं। मॉस्को ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन में विदेशी सैन्य बलों की उपस्थिति को रूस अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानेगा और उन पर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बयान जारी कर कहा कि यूक्रेन की सीमा में तैनात होने वाली किसी भी विदेशी सैन्य इकाई को वैध सैन्य निशाना माना जाएगा। जखारोवा का यह बयान ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर विचार किए जाने के बीच आया है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश रूस की सुरक्षा चिंताओं को अनदेखा कर रहे हैं और विदेशी सैन्य मौजूदगी बढ़ाकर संघर्ष को जानबूझकर हवा दे रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि विदेशी बल चाहे किसी गठबंधन का हिस्सा हों या किसी अन्य समूह का, रूस इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा।

ऊर्जा ढांचों पर भीषण हमला, नौ लोग घायल

चेतावनी जारी करने के साथ ही रूस ने कीव पर व्यापक हवाई हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुसार, 6 अक्टूबर की रात रूसी सेना ने 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोला। इन सभी हमलों का प्राथमिक केंद्र राजधानी कीव और उससे सटे क्षेत्र थे।

इस हमले में यूक्रेन के ऊर्जा और बिजली आपूर्ति तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों में बिजली, जलापूर्ति और हीटिंग व्यवस्था प्रभावित हुई। रिहायशी इमारतों और एक किंडरगार्टन को भी क्षति पहुंची है। हमलों में एक बच्चे सहित कुल नौ लोग घायल हुए हैं। जेलेंस्की ने बताया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को बिजली पहुंचाने वाले सबस्टेशन भी इस हमले की चपेट में आए हैं, जिससे देश के ऊर्जा नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव बन गया है।

प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले बढ़ा तनाव

यह बड़ा हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस, अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच 10 और 11 नवंबर को अबू धाबी में शांति वार्ता की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक का उद्देश्य संघर्ष विराम और युद्ध समाप्त करने के संभावित विकल्पों पर चर्चा करना है। हालांकि, वार्ता से ठीक पहले रूस के इस व्यापक हमले और सख्त बयानों ने शांति प्रयासों पर संशय खड़ा कर दिया है।

रूस ने दोहराया है कि वह अपने सैन्य अभियान के लक्ष्यों को हासिल करके ही रहेगा। वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से सैन्य एवं वित्तीय सहायता निरंतर जारी रखने की अपील की है। दोनों पक्षों के रुख से स्पष्ट है कि कूटनीतिक वार्ताओं की तैयारियों के बीच जमीनी स्तर पर सैन्य संघर्ष और तीव्र होता जा रहा है।

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