Muzaffarabad News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अवामी हुकूक लॉन्ग मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भयंकर हिंसा हुई है। रावलकोट से मुजफ्फराबाद जा रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने सीधी फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस पूरी कार्रवाई में भारी नुकसान हुआ है।
सामने आई तस्वीरों और वीडियो में सड़कों पर कई मृत प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं, वहीं पाकिस्तानी सेना के जवान खुलेआम गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं। इस ताजा कार्रवाई में जेएएसी (JAAC) कोर कमेटी के सदस्य उमर नज़ीर कश्मीरी के भाई उस्मान नजीर की भी रावलकोट में गोली लगने से मौत हो गई है।
PoK में हिंसक झड़पों के बीच अब तक 80 से ज्यादा मौतें
5 जून से जारी इस जनांदोलन और पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में अब तक 80 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बीते 24 घंटों में ही रावलकोट और मीरपुर में 19 से ज्यादा लोगों की जान गई है। बुनियादी मानवाधिकारों की मांग को लेकर हो रहे इस विरोध-प्रदर्शन को दबाने के लिए सेना की कार्रवाई जारी है।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रही अवामी एक्शन कमेटी ने उस्मान नजीर की शहादत पर कहा, ‘आपके शरीर पर लगी गोलियां आपके हौसले को नहीं तोड़ सकीं। आपने अपने भाई को खोया, साथियों को गिरते देखा और अपनी जमीन को खून से सना देखा, फिर भी आपने लोगों का साथ नहीं छोड़ा।’
कथित विधानसभा चुनाव के दौरान बढ़ा तनाव
चश्मदीदों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 24 से 48 घंटों में रावलकोट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 14 से 20 लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हैं। यह हिंसा ऐसे समय भड़की है जब क्षेत्र में कथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग हो रही है।
चुनाव के दौरान कई पोलिंग बूथों पर धांधली के गंभीर आरोप लगे हैं। अनेक स्थानों पर मतपेटियों में आग लगाने और हिंसक झड़पों की खबरें आई हैं। मानवाधिकारों के लिए जारी इस प्रदर्शन में स्थानीय नागरिक और संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं।